Meerut Mosque Dispute :तरावीह के दौरान कुरान शरीफ मुकम्मल होने पर मिठाई बांटते समय दो पक्षों में कहासुनी, पुलिस जांच में जुटी
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में हापुड़ रोड स्थित एक मस्जिद में सोमवार रात नमाज़ के बाद उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तरावीह के दौरान कुरान शरीफ मुकम्मल होने के उपलक्ष्य में लड्डू बांटे जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़कर झड़प में बदल गया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए मस्जिद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Meerut Mosque Dispute:कैसे शुरू हुआ विवाद
सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मस्जिद में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरान शरीफ मुकम्मल होने के बाद खुशी के मौके पर लड्डू बांटे जा रहे थे। इसी दौरान लड्डू बांटने के क्रम और तरीके को लेकर दो पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में इसे सामान्य मतभेद माना गया, लेकिन देखते ही देखते आवाजें ऊंची हो गईं और कहासुनी तेज हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ युवकों और अन्य नमाजियों के बीच बहस बढ़ती चली गई। स्थिति उस समय बिगड़ी जब एक पक्ष ने दूसरे पर आरोप लगाए, जिसके बाद हाथापाई की नौबत आ गई। बताया जाता है कि कुछ लोगों को धक्का दिया गया और मारपीट की घटना भी सामने आई।
Meerut Mosque Dispute :झड़प के दौरान अफरा-तफरी
घटना के समय मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही विवाद ने उग्र रूप लिया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, ताकि स्थिति को शांत किया जा सके। हालांकि कुछ मिनटों तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झड़प के दौरान एक बच्चा भी वहां मौजूद था, जो अचानक हुए शोर-शराबे से घबरा गया। स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। मौके पर मौजूद बुजुर्गों और जिम्मेदार लोगों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और विवाद को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस होती दिखाई दे रही है।
हालांकि प्रशासन ने अपील की है कि बिना पुष्टि के वीडियो या अफवाहों को आगे न बढ़ाया जाए। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
पुलिस का बयान और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी बाद में मिली, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी प्रकार की मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार का बड़ा तनाव नहीं है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम खुशी और शांति का प्रतीक होते हैं, ऐसे में विवाद होना चिंताजनक है। मस्जिद से जुड़े कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों ने भी कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के दौरान बेहतर व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।
कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जानी चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की कहासुनी को तुरंत शांत किया जा सके।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
पुलिस का कहना है कि अगर किसी भी व्यक्ति को चोट पहुंची है या वह शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो वह संबंधित थाने में संपर्क कर सकता है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
शांति और सौहार्द बनाए रखने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि धार्मिक या सामाजिक आयोजनों के दौरान संयम और संवाद बेहद जरूरी है। छोटी-सी गलतफहमी भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुदाय के जिम्मेदार लोगों को आगे आकर आपसी संवाद के माध्यम से ऐसे विवादों को तुरंत सुलझाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द कायम रहे।



