मेरी जान, मेरी बहन… मेरी लाडू रानी ❤️🩹
कुछ तारीखें जिंदगी में सिर्फ तारीख नहीं रहतीं… वे दिल पर हमेशा के लिए लिख जाती हैं।
13 सितंबर मेरे लिए भी ऐसी ही तारीख बन गई।
उस दिन मेरी जान, मेरी बहन, मेरी लाडू रानी मुझे छोड़कर परम पिता परमेश्वर के पास चली गईं।
आज उनकी तस्वीर सामने आती है तो बहुत सारी यादें एक साथ आंखों के सामने आ जाती हैं—उनकी मुस्कान, उनकी बातें, उनके साथ बिताए पल और हमारा आखिरी रक्षाबंधन।
उस समय हमें क्या पता था कि वह तस्वीर एक दिन हमारे रिश्ते की इतनी अनमोल याद बन जाएगी।
हमारा आखिरी रक्षाबंधन
मेरे पास हमारी रक्षाबंधन की वह तस्वीर है।
आज वह मेरे लिए सिर्फ एक फोटो नहीं है।
वह मेरी बहन के साथ बिताए उस आखिरी खूबसूरत पल की निशानी है।
उसे देखकर मन करता है कि काश समय वहीं रुक जाता… काश एक बार फिर वही दिन लौट आता… और मैं अपनी बहन से कुछ और बातें कर पाता।
कुछ सवाल आज भी मेरे दिल में हैं…
तेरे जाने के बाद बहुत से सवाल हमारे सामने खड़े हैं।
कभी-कभी मेरे मन में आता है कि क्या तेरे दिल में कोई ऐसा दर्द था, जिसे तू अपने भाइयों से कह नहीं पाई?
क्या कोई ऐसी परेशानी थी, जिसे तू अकेले सहती रही?
मैं यह नहीं जानता कि तेरे मन में क्या चल रहा था। तेरी पूरी कहानी और तेरी भावनाएं तू ही जानती थी।
लेकिन एक भाई होने के नाते यह सोचकर दिल टूट जाता है कि अगर तू किसी तकलीफ में थी, तो शायद हम समय रहते तेरी बात समझ नहीं पाए।
काश तू एक बार कह देती—
“भैया, मैं परेशान हूँ…”
शायद हम तेरे पास बैठते।
शायद तेरा दर्द सुनते।
शायद तेरे साथ खड़े होते।
शायद हालात कुछ और होते।
लेकिन जिंदगी कुछ सवाल ऐसे छोड़ जाती है, जिनका जवाब शायद कभी नहीं मिलता।
तेरे बच्चों के बारे में सोचकर…
तेरे जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता तेरे बच्चों की है।
वे अभी बहुत छोटे हैं। उन्हें शायद आज पूरी तरह समझ भी नहीं है कि उनकी मां उनसे कितनी दूर चली गई है।
उनकी आंखों में तुझे ढूंढने का सवाल होगा… और हमारे पास शायद उस सवाल का कोई ऐसा जवाब नहीं होगा, जो उनके दिल का खालीपन भर सके।
इसीलिए कई बार मन में आता है कि अगर तेरे साथ कुछ गलत हुआ था, अगर किसी परिस्थिति ने तुझे परेशान किया था, या कोई ऐसी बात थी जिसे तू अपने भाइयों से नहीं कह पाई—तो काश हमें वह सब पहले पता चल जाता।
हम तेरे लिए आवाज उठाते।
तेरे साथ खड़े होते।
जरूरत पड़ती तो सही कानूनी रास्ता भी अपनाते।
लेकिन आज तेरे बच्चों का भविष्य भी हमारे सामने है।
हम ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते जिसका असर उन मासूम बच्चों की जिंदगी पर पड़े।
इसी वजह से हमारे मन में मौजूद सवाल और दर्द आज भी हमारे भीतर ही हैं।
लेकिन चुप रहने का मतलब यह नहीं कि सवाल खत्म हो गए हैं।
कुछ बातें ऐसी हैं जिनका सच शायद मेरी बहन अपने साथ ही ले गई।
और यही बात मुझे अंदर से सबसे ज्यादा तोड़ती है।
“लाडू रानी, काश तूने अपने भाइयों को अपने दिल की बात बता दी होती…
हम शायद तुझे उस दर्द के साथ अकेला नहीं छोड़ते।”
Satvik Bharat 24 और तेरी याद
Satvik Bharat 24 की शुरुआत तेरे बड़े बेटे के नाम से हुई थी।
इसलिए इस नाम से तेरी एक याद हमेशा जुड़ी रहेगी।
आज यह मेरे लिए सिर्फ एक मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं है। इसके पीछे मेरी बहन की याद, उसके बच्चों की याद और उससे जुड़ी बहुत सारी भावनाएं हैं।
शायद यही वजह है कि मैं चाहता हूं कि तेरी याद कभी मिटे नहीं।
तू हमारे बीच नहीं है, लेकिन तेरे बच्चों में, तेरी तस्वीरों में, तेरी बातों में और हमारी यादों में तू हमेशा जिंदा रहेगी।
मेरी लाडू रानी…
बहन सिर्फ एक रिश्ता नहीं होती।
वह दोस्त होती है, साथी होती है, कभी लड़ती है, कभी हंसाती है और जरूरत पड़ने पर बिना कहे भी साथ खड़ी रहती है।
मेरी बहन मेरे लिए भी ऐसी ही थी।
आज वह मेरे साथ नहीं है, लेकिन उसकी जगह मेरे दिल में हमेशा रहेगी।
लाडू रानी, तुम इस दुनिया से चली गईं…
लेकिन मेरे दिल से कभी नहीं जाओगी।
तुम्हारा आखिरी रक्षाबंधन, तुम्हारी मुस्कान और तुम्हारी यादें मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा।
परम पिता परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है कि मेरी बहन की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उसके बच्चों एवं पूरे परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
मेरी जान, मेरी बहन…
मेरी लाडू रानी,
तुम हमेशा मेरी यादों में जिंदा रहोगी। ❤️🩹
ॐ शांति। 🙏
भावपूर्ण श्रद्धांजलि
तुम्हारा भाई — Vikki Sharma
यह लेख अपनी दिवंगत बहन की स्मृति में एक भाई की व्यक्तिगत श्रद्धांजलि है। इसमें व्यक्त भावनाएं व्यक्तिगत हैं। किसी व्यक्ति पर किसी अपराध या गलत कार्य का आरोप तथ्य या न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।



